Pine Labs ये एक फिनटेक कंपनी है जो पेमेंट सॉल्यूशन ऑफ देने का काम करती है। कारोबार दो हिस्सों में इनके कारोबार है - डिजिटल इंफ्रा, ट्रांजैक्शन और साथ ही इश्यूइंग एक्वायरिंग प्लेटफॉर्म। इन दोनों बिज़नेसेस को ढंग से समझेंगे मैनेजमेंट से। इंटरेस्टिंग बात इस कंपनी के बारे में यह है कि मैनेजमेंट के हाथों में कंपनी की पूरी कमान है और कंपनी में कोई प्रमोटर नहीं है। भारत के अलावा विदेशों में भी कई देश ऐसे हैं जहां पर कंपनी का कामकाज है और काफी अलग-अलग बिज़नेस मॉडल्स हैं जिनके जरिए कंपनी अपनी कमाई करती है।
इश्यू खुलने वाला है 7 नवंबर, यानी कि कल, 11 नवंबर को होगा बंद। 210 से लेके 221 की प्राइस बैंड रखी गई है इस इश्यू के लिए और लगभग-लगभग 3900 करोड़ का इश्यू है। उसमें से 2080 करोड़ फ्रेश इश्यू है जो पैसे कंपनी के पास जाएंगे और 1820 करोड़ ऐसा है जो एग्जिस्टिंग इन्वेस्टर्स जो हैं, अभी जो इन्वेस्टर्स हैं वो अपनी स्टेक बेच रहे हैं।
मार्केट कैप अच्छा खासा है। ऊपरी बैंड पर 25,400 करोड़ के आसपास की वैल्यूएशन होती है इस कंपनी की। यह इंटरेस्टिंग है आपके लिए। आइए मुलाकात करते हैं। हमारे साथ कंपनी के चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ अमरीश रावत साहब कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं।
आपने 1996 में मुंबई यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग में बैचलर्स की डिग्री हासिल की है। पेमेंट और फिनटेक इंडस्ट्री का आपका लंबा गहरा अनुभव है। पहले PayU इंडिया, First Data, NCR Corporation जैसे दिग्गज संस्थानों के साथ काम करने का आपका अनुभव भी है। और 2020 से आप Pine Labs सिंगापुर के साथ जुड़े हुए थे और अभी मार्च 2025 में Pine Labs इंडिया के साथ आप जुड़ चुके हैं। अमरीश राव साहब हमारे साथ हमारे स्टूडियो में हैं। सर गुड मॉर्निंग। बहुत-बहुत स्वागत है आपका।
धन्यवाद, समय देने के लिए, स्टूडियो में आने के लिए।
सबसे पहले तो समझाएं सर। बहुत सारी फिनटेक कंपनियां हैं, कुछ लिस्टेड, कुछ अनलिस्टेड भी। आपकी कंपनी का बिजनेस मॉडल क्या है और दूसरों से कैसे अलग है?
Anil जी थैंक यू वेरी मच। Pine Labs ये जो ब्रांड है, आप पॉस मशीन्स पे सब जगह पे देखते हो। बट पिछले 10-15 साल पहले ये हमारी स्टोरी थी। बट अभी 10-15 साल में ऐसा हो गया है कि ट्रांजैक्शंस जो पॉस से होते थे अभी ऑनलाइन पे हो रहे हैं। अभी बिल पेमेंट एक्टिविटीज में हो रहे हैं।
अभी आप छोटा, आप अगर फोन लेने जाओगे या टीवी खरीदने जाओगे, अभी आपके कार्ड पे आपको 3, 6, 9, 12 मंथ्स ऑफ इंस्टॉलमेंट पेमेंट्स पर वो फोन खरीदने मिलता है। वो भी एक तरफ का इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट ट्रांजैक्शन होने लग गया है। ये सब चीजें Labs जोड़कर कंज्यूमर के सामने लेकर आती है।
और एक चीज हम जो करते हैं, अभी आपने देखा होगा Amazon Pay का वॉलेट है। Amazon Pay बैलेंसेस है। Flipkart का वॉलेट है। गिफ्ट कार्ड्स है। इंडिया का 85% ऑफ द मार्केट शेयर फॉर गिफ्ट कार्ड्स। प्रीपेड कार्ड हमारे साथ है। तो हमारा बिजनेस थोड़ा अलग है। ये पहले वाले फिनटेक्स से।
हम क्या करते हैं? हम डायरेक्टली कंज्यूमर से जाकर हमारा ब्रांड क्रिएट नहीं करते। हम लेकिन कंज्यूमर ये ट्रांजैक्शन के पीछे ये पूरा जो इलेक्ट्रॉनिक टेक्नोलॉजी जो लगती है, ये फिनटेक चलाने के लिए ये पूरी इलेक्ट्रॉनिक टेक्नोलॉजी हम प्रोवाइड करते हैं।
ये फर्स्ट क्वार्टर जो अभी क्वार्टर हमारा गया, 4 लाख करोड़ के पेमेंट ट्रांजैक्शंस हमारे प्लेटफार्म पे हुए। अगर कोई यह कहे कि मुझे समझ रहा है Pine Labs यह कर रहा है तो हम काम अच्छा नहीं कर रहे क्योंकि हमारा बिलीफ है, पेमेंट्स विल बिकम इनविज़िबल। और इनविज़िबल पेमेंट्स के हम मार्केट लीडर्स हैं।
हमारे पिछले तीन साल के आप रिजल्ट्स देखोगे आपको दिखेगा, इनविज़िबल पेमेंट्स इंडिया में हम सबसे ज्यादा चला रहे हैं।
सो बेसिकली जो भी फिनटेक कंपनियां है और जो सॉफ्टवेयर उन्हें यूज़ करना होता है जिनके दम पर वह कामकाज करते, तो आप वो सॉफ्टवेयर बनाने का और सर्विस देने का काम करते हैं।
सॉफ्टवेयर, टेक्नोलॉजी, बट हम प्लेटफॉर्म्स भी क्रिएट करते हैं। तो हम ऐसा नहीं करते, लाइक Infosys जैसे हम सॉफ्टवेयर नहीं बेचते। हम क्या करते हैं? हम प्लेटफॉर्म्स क्रिएट करते हैं और बैंक्स, रिटेलर्स, ऑनलाइन प्रोवाइडर्स को बोलते हैं, यूज़ माय प्लेटफॉर्म्स एंड पे अस अ स्मॉल फी ऑन एव्री ट्रांजैक्शन।
इंडिया की टॉप फाइव बैंक्स हमारी कस्टमर्स हैं। टॉप फाइव रिटेलर्स, मतलब D-Mart, Reliance हो गया या Shoppers Stop, ऑल ऑफ़ देम आर आवर कस्टमर्स। ऑल द थ्री ऑनलाइन कंपनीज आर माय कस्टमर्स। और अभी Zepto, Blinkit, you know, Instamart, ऑल ऑफ़ देम आर आवर कस्टमर।
सर कंपनियां ही आपकी कस्टमर है या जैसे एक मेरे जैसा आम आदमी है। मैं आपका प्लेटफार्म या आपकी सर्विस कैसे यूज़ कर सकता हूं?
नहीं सर, आर आवर स्ट्रेटेजी इज़ डिफरेंट। अगर मेरे को आपसे ट्रांजैक्शंस लेने होंगे, मेरे को ब्रांडिंग करनी पड़ेगी। इंडियन क्रिकेट टीम पे मेरा लोगो लगाना पड़ेगा। ये सब हम करते नहीं है। तो वी डोंट डू मार्केटिंग। वी डोंट डू एडवरटाइजिंग डायरेक्टली टू द कंज्यूमर। हमारी बिज़नेस B2B2C है।
क्योंकि हमें लगता है B2B2C में बहुत सारे कॉर्पोरेट्स के पास इतने ट्रांजैक्शन वॉल्यूम्स हैं। अगर हम वो ट्रांजैक्शन वॉल्यूम अगर एक साथ ले ले, हमें बहुत मुनाफा हो सकता है। ये हमारी स्ट्रेटेजी रही है।
हम। तो ऐसे में मतलब आपको, अगर मुझे कंपेयर करना है आपकी कंपनी को किसी दूसरी लिस्टेड कंपनी के साथ में जो ऑलरेडी लिस्टेड है। नियरेस्ट किससे कंपेयर करना चाहिए मुझे?
सर हमारे पास ना अलग-अलग बिज़नेसेस है। ये मैं बता सकता हूं। एक तरफ का हमारा बिज़नेस है ऑनलाइन पेमेंट्स में। आपने बोला PayU, PayU ऑनलाइन पेमेंट्स में है। लेकिन अभी कोई इंडिया में देयर इज़ ऑनलाइन पेमेंट्स में ऐसी कोई कंपनी है नहीं। हमारा बिज़नेस है पॉस मशीन्स में। पॉस मशीन्स HDFC बैंक, ICICI बैंक्स जो हमारे पार्टनर्स है वो पॉस मशीन्स डिप्लॉय करते हैं। वो बिज़नेस में हम हैं।
अभी बिल पेमेंट्स ये कंप्लीटली नई चीज लाई है इंडिया ने। और ये जो चीज बिल पेमेंट्स, UPI पेमेंट्स जो है वो इंडिया में कंप्लीटली न्यू आया है। इसमें हमारा कोई ऐसा कंपटीशन नहीं है। और गिफ्ट कार्ड में उसमें तो हमारा 90% मार्केट शेयर है।
अब। आपकी कंपनी में कोई प्रमोटर नहीं है। सारे PE फंड्स वगैरह है। और सबसे बड़े शेयर होल्डर कौन है?
सो सबसे बड़े शेयर होल्डर VC है, Peak XV, उनका पहला नाम था Sequoia Capital। मेरा ओनरशिप जस्ट अबाउट 5% है कंपनी में। तो हमने, व्हेन वी वेंट आउट इन द मार्केट, हमने बोला...
कंपनी आप ही ने शुरू की क्या? सिंगापुर से?
नहीं, मैंने नहीं शुरू की। पहले एक और एक थे जो रिटायर हो चुके। I took over about six years back। मैं छ साल से करीबन ये कंपनी चला रहा हूं।
हम। अच्छा सर जनरली जो भी फिनटेक कंपनी है, स्टार्टअप्स है, नई जनरेशन की कंपनियां है, इस तरह की कंपनी में सबको, आपको मार्केट में मालूम है कि कंपनी में बहुत कुछ अच्छा है। फ्यूचर बढ़िया है। स्केल हो सकता है। जमाना बदल रहा है। पेमेंट करने का तरीका। लेकिन प्रॉफिट सबको लगता है, प्रॉफिट कब बनेगा। तो I think पहली बार इस साल आपका प्रॉफिट आया है। राइट? तो ये, ये मैं जस्ट समझना चाहता हूं कि क्या इस साल से जो प्रॉफिटेबिलिटी की शुरुआत हुई है, कंपनी आगे के आपके जो भी एक्सपेंशन प्लान होंगे, इन्वेस्टमेंट्स होंगे, कैपेक्स होंगे, उन खर्चों को ध्यान में रखते हुए क्या आपके प्रोस्पेक्टिव इन्वेस्टर्स ये मान के चल सकते हैं कि हां कंपनी प्रॉफिटेबल रहेगी, बनी रहेगी?
सर मैं आपको दो-तीन चीजें बताता हूं। पिछले तीन सालों में कंपाउंडिंग हमारा ट्रांजैक्शन वॉल्यूम 60% से ग्रो हुआ है। हम। ये फर्स्ट क्वार्टर में हमने एडजस्टेड इबिड 120 करोड़ का हमने एडजस्टेड इबिड दिखाया है फर्स्ट क्वार्टर में।
लास्ट फुल ईयर में हमारा एडजस्टेड इबिड था 355 करोड़। उसके पहले के ईयर में करीबन कुछ 155 करोड़ का था। सो पिछले 12 मंथ्स, 16 मंथ्स में हमने ऑलमोस्ट डबलिंग ऑफ एडजस्टेड इबिड दिखा है।
अभी एडजस्टेड इबिड इतना अच्छा होने के बावजूद हम लॉस क्यों कर रहे हैं? इसके में दो सिंपल चीज है। बट I want to stress सिर्फ बिकॉज़ ये बहुत इंपॉर्टेंट चीज है समझने के लिए। सर आजकल की जो न्यू एज कंपनीज आ रही है, हम लोग टैलेंट को ढूंढ के लेकर आते हैं। बड़े-बड़े इंजीनियर्स को लेकर आते हैं। पीएचडीस को लेते हैं, स्टैटिस्टिशियंस को लेकर आते हैं।
ये सब जब आते हैं, उनको कंपनी में ओनरशिप चाहिए। हमारा आपने अगर कैपिटेबल देखा, करीबन 15% एंप्लाइज़ के पास है, पास्ट एंप्लाइज़ एंड करंट एंप्लाइज़। And that is the only way you can attract talent। वी आर नॉट अ मैन्युफैक्चरिंग कंपनी। और जब आपको ये टैलेंट को अट्रैक्ट करने का है आप उनको देना...
और वो ESOPs का जो कॉस्ट लाइन आइटम आता है वो इबिड और प्रॉफिटेबिलिटी के बीच में आता है। करेक्ट। This is something is a non-cash line item as you know from your own background। But this is the way new businesses are being created। You have to share wealth।
If you don't share wealth। और अगर एक ही जगह पे पूरा पैसा अपने पास रखे रहेगा, अच्छी कंपनीज नहीं बनेगी। आपने देखा होगा कि अभी थोड़े स्टार्टअप्स आए। Most of the founders are now below 10%। It is not because they want to be at 10%। They want to share wealth।
हम। Employee wealth creation is a very important topic and this is a non-cash line item। बट आपने अगर एडजस्टेड इबिड देखा, हम जहां पे आपको दिखेगा कंपनी कितनी कैश बना रही है। मैंने ये क्वार्टर में 120 करोड़ का एडजस्टेड इबिटा दिखा।
राइट। तो अब, अब इसमें एक चीज है।
तो क्या ये ESOPs की वजह से जो नुकसान दिखता है ये आने वाले समय में भी दिखेगा क्योंकि ये तो देने ही पड़ेंगे, इसका तो कोई इलाज नहीं है अगर आपको अच्छा टैलेंट रखना है तो?
राइट। सर मैं 25 साल से काम कर रहा हूं। पहले 50% ऑफ़ माय लाइफ वाज़ इन लार्ज अमेरिकन कंपनीज। Now I have done my two startups for the last 12 years। इसमें मैंने एक चीज़ सीख ली है। When you come to public markets, the same philosophies of private market।
तो हमने अभी इस टाइम क्या किया है? अभी इस टाइम जो IPO के पहले हमने जो ESOPs दिए हैं, वो ESOPs हमने कुछ जीरो के प्राइस पे नहीं दिए हैं या डीपली डिस्काउंटेड नहीं दिए। हमने भैया करंट जो FMV है, फेयर मार्केट वैल्यू है, उसके थोड़े डिस्काउंट में देंगे।
जिसके वजह से P&L impact will get reduced and this is a strategic call। My board and me, we took together and that is what you will get to see in my P&L।
तो आप बताएं अमरीश सर कि आपकी कंपनी को किस तरह से वैल्यू करना है? अगर मुझे वैल्यूएशन करके प्रॉफिट के बेसिस पे तो कर नहीं सकता, एक्चुअली आपने रीज़न बता दिया।
बिल्कुल। मैं आपकी कंपनी को क्या वैल्यूएशन किस तरह से दूं?
सर मैं थोड़ा लाइटर नोट पे बोलता हूं। सर बाकी सब कंपनीज का मैं अभी जब रिजल्ट्स देखता हूं, देखता हूं everybody is being valued on adjusted EBITDA, right?
जब मैं वैल्यूएशन मांगने जा रहा हूं, सब लोग बोलते हैं PAT देखो।
जो नहीं किए वो मांगते हैं। हंसी।
बात तो ठीक है सर। सर दुनिया सब लोगों को लेके बनानी पड़ती है। मैं ये कहूंगा, adjusted EBITDA is a fair way to look at our business।
हैव यू सेड दैट, the CEO should be cognizant of how to build the company।
मैं ये 25 साल से ये कर रहा हूं। आपको ये दिखेगा, Reserve Bank of India आप देखो। कॉर्पोरेट गवर्नेंस देखो, एथिक्स देखो। यह कंपनी।
पब्लिक मार्केट। बट टू आंसर योर क्वेश्चन इन शॉर्ट, adjusted EBITDA आप देखोगे 150 करोड़ गया है, 355 करोड़, और सिर्फ फर्स्ट क्वार्टर में 120 करोड़ का आया।
नहीं सर कंपटीशन भी तो बहुत। बढ़िया आपने बढ़िया कंपनी बनाई लेकिन दूसरे भी तो बना रहे हैं, Razorpay और Paytm भी थोड़ा बहुत है। पता नहीं अलग-अलग बहुत सारी कंपनी भी।
सर मैं तीन नंबर्स आपको दूंगा। पिछले 3 साल में 60% से मेरे ट्रांजैक्शन वैल्यू इनक्रीस हुए हैं। मेरे नंबर ऑफ ट्रांजैक्शंस 50% से ईयर ऑन ईयर ग्रो हुए हैं। मर्चेंट्स हमारे पास कंपाउंडिंग हैज़ ग्रोन बाय 30% ईयर ऑन ईयर।
फाइनशियल्स एंड इबिड हैज़ ग्रोन बाय मोर देन 100%। इफ देयर इज़ द समथिंग व्हिच I don't worry about is competition। What I am more worried about is हमारे बिज़नेस में हम स्केलेबिलिटी कैसे लाए?
As I told you, 4 लाख करोड़ के हमने ट्रांजैक्शन सिर्फ एक क्वार्टर में किए। तो हम। 4 लाख करोड़ के। 4 लाख करोड़ के सिर्फ एक क्वार्टर में हमने ट्रांजैक्शंस किए हैं। तो हमारा फोकस है, how can we scale from here and go further?
और स्केल करने के लिए क्या चाहिए आपको? टेक्नोलॉजी और ह्यूमन रिसोर्सेज?
That is correct। सो हमने IPO proceed में हमने क्या किया? अभी और एक बात बतानी है। पहले IPO proceed पहले। We are currently present in 20 countries around the world।
अभी Government of India कहती है, Modi जी कहते हैं कि बॉस हमने एक्सपोर्ट करना चाहिए। अगर आप सोचोगे पहले टेक्नोलॉजी कंपनीज थे Infosys, Wipro, TCS, उन्होंने क्या किया? They are human capabilities exported। हमें प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट करना है। हमें प्लेटफॉर्म्स एक्सपोर्ट करना है।
We have now exported our solutions to 20 countries। In the last financial year, 335 करोड़ ऑफ़ माय रेवेन्यूस केम फ्रॉम ग्लोबल मार्केट्स। 15% ऑफ़ माय बिज़नेसेस कम फ्रॉम ग्लोबल मार्केट्स। क्यों?
हम। ये जो फिनटेक जो चीज है ये एक स्पेस है जहां पे इंडिया लीड कर रहा है। ये जो फिनटेक हमने इंडिया में बनाया है वो आज चाइना से बेहतर है। वो US से बेहतर है। ये हमारा ओपोर्चुनिटी है, फिनटेक हम एक्सपोर्ट कर सकते हैं और ये हमने चार-पांच साल से चालू किया है।
अभी UAE की सबसे बड़ी बैंक है Emirates Bank। They are using our platforms। Same is happening in Malaysia। Also what is happening in Philippines now। हम ये इंटरेस्टिंग चीज है कि अब बजाय सर्विस के हम प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट कर रहे हैं।
जिसमें एक और चीज Rau साहब जो आपसे जानना चाहता हूं। बॉरोइंग्स आपकी बढ़ी है थोड़ी सी पिछले दो साल में। इस साल लगभग 900 करोड़ के आसपास पहुंची है, शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म दोनों मिलाकर। इसकी वजह क्या है और क्या IPO से जो पैसे आ रहे हैं कंपनी के पास उसमें आप कुछ कर्ज कम करेंगे?