कार्यक्रम के दौरान अनावश्यक आवागमन से बचें। साथ ही अपने परिसर की स्वच्छता बनाए रखने में अपना सहयोग दें और किसी भी प्रकार का कचरा केवल निर्धारित डस्टबिन में ही डालें। आगे बढ़ते हैं और अनुराग से पूछते हैं कि आज देश के किन-किन कोनों से कितने युवा हमारे साथ जुड़े हुए हैं?
हां बिल्कुल रिया। आज का यह आयोजन वास्तव में अद्भुत है। हमारे देश भर के सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के सैकड़ों जिले तथा हजारों स्थान से एक करोड़ से भी अधिक युवा जुड़े हैं। सचमुच ये कोई साधारण उपलब्धि नहीं। एक करोड़ से अधिक युवाओं का एक साथ नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत के संकल्प के लिए एक मंच पर जुड़ना अपने आप में एक ऐतिहासिक क्षण है। लेकिन रिया सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न, आज के इस भव्य कार्यक्रम की मुख्य झलकियां क्या होंगी? आखिर आज हमारे लिए क्या-क्या विशेष होने वाला है?
हम्म, सबसे बड़ी झलक से शुरुआत करते हैं। आज के इस ऐतिहासिक आयोजन का सबसे प्रेरणादायी क्षण वो होगा जब हम सबके साथ जुड़ेंगे हम सभी के प्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी। किंतु माननीय प्रधानमंत्री जी के आवागमन से पूर्व ही आज प्रातः देश के कोने-कोने में आयोजित कार्यक्रमों में जुड़े लाखों नागरिकों और युवा साथियों ने नशा मुक्त भारत का संकल्प लेकर इस जन आंदोलन को एक नई ऊर्जा प्रदान की है। और यही नहीं, आज हमारे साथ 125 से अधिक आध्यात्मिक संगठनों के नेतृत्वकर्ता भी इस आंदोलन का हिस्सा बने हैं। यह आपका ही आशीर्वाद है जो हमें यहां तक लेकर आया है और जिसके प्रति हम सदैव कृतज्ञ रहेंगे। आज हमारे साथ माय भारत एनएसएस के स्वयंसेवक, देश भर के महाविद्यालय, नशा मुक्ति के क्षेत्र में कार्यरत कई सारे एनजीओस, इंडस्ट्रियल एसोसिएशंस, यूथ संगठन, माय भारत यूथ क्लब्स तथा समाज के अनेक प्रेरणा स्त्रोत संगठन शामिल हैं। तो अनुराग, इससे एक बात तो बिल्कुल स्पष्ट होती है कि यह कोई सामान्य कार्यक्रम तो बिल्कुल नहीं, बल्कि भारत को एक नई दिशा देने वाला जन आंदोलन है जिसका नेतृत्व कर रहे हैं देश भर से हमारे साथ जुड़े महामहिम राज्यपाल, माननीय मुख्यमंत्री एवं सम्मानित मंत्रीगण।
बिल्कुल रिया, अब्सोलुटली नॉट। ये केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि युवा भागीदारी का महा अभियान है। और ये तो बस शुरुआत है। आने वाले 100 संडेज तक माय भारत के माध्यम से नशा मुक्त भारत के संकल्प को जनजन तक पहुंचाने के लिए देश भर में कई अभियान और गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इसीलिए हम सभी को आज इसी उत्साह, इसी ऊर्जा और इसी संकल्प के साथ विकसित भारत के स्वर्णिम लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ना होगा। लेकिन रिया, इससे पहले ये भी जानना जरूरी है कि इस अभियान का हिस्सा बनने के लिए हमारे युवा साथियों को क्या करना होगा।
बहुत आसान है। आपको बस माय भारत पोर्टल या माय भारत ऐप पर अपना पंजीकरण करना है। मैंने भी इसी पोर्टल पर अपनी थोड़ी सामान्य जानकारी देकर अपना एक प्रोफाइल बनाया और अब मैं हर हफ्ते माय भारत के साथ होने वाली अलग-अलग गतिविधियों का पार्ट बन पाती हूं। यहां पर वो सब कुछ है जो जजी अपेक्षा कर सकते हैं। चाहे वो क्वेस हो, डिबेट्स, पोएट्री, कल्चरल परफॉर्मेंसेस, एंड व्हाट नॉट। जिसके जरिए आप कई नेशनल लेवल प्रोग्राम्स जैसे विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट, विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग और ऐसे कई नेशनल लेवल प्रोग्राम्स का हिस्सा बन सकते हैं। अपनी बात करूं तो इस वर्ष मुझे इसी मंच ने विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट में भाग लेने का अवसर दिया और मेरे लिए यह अत्यंत गर्व की बात है कि मुझे ना केवल वहां प्रतिभागी बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ बल्कि विजेता बनने का भी अवसर मिला। पर अनुराग, अब मैं चाहती हूं कि तुम हमारे युवा साथियों को अपना कुछ अनुभव साझा करो।
क्यों नहीं रिया? मैंने भी अपने कॉलेज के माध्यम से माय भारत के बारे में जाना। इस वर्ष विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट के माध्यम से मुझे पश्चिम बंगाल का प्रतिनिधित्व करने का मौका एक राष्ट्रीय मंच पर मिला। यह केवल एक साधारण मंच नहीं है। और मुझे यह बताते हुए बड़ी खुशी हो रही है कि आज के इस कार्यक्रम से मैं पिछले साल से ही जुड़ा हुआ हूं। मेरी संस्था बंगाल यूथ क्लब फॉर डेवलपमेंट के प्रतिनिधि मंडल के माध्यम से मुझे मौका मिला काशी स्पिरिचुअल यूथ समिट से जुड़ने का। सच कहूं तो सिर्फ एक क्लिक से शुरू यात्रा मुझे ऐसे अनुभव तक ले गई जिनकी मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। यह तो माय भारत की सबसे बड़ी शक्ति है। यह केवल अवसर नहीं देता बल्कि युवाओं की क्षमताओं को नई उड़ान देता है और उन्हें भविष्य में अपने-अपने क्षेत्रों में नेतृत्व करने को तैयार करता है। हाल ही में मेरे कई मित्र विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का हिस्सा बने। उन्हें देश के सीमावर्त गांव यानी बॉर्डर विलेजेस में ले जाया गया। वहां उन्हें वहां के लोगों के साथ रहने, उनकी संस्कृति और उनके जीवन को निकट से देखने का सौभाग्य मिला। और सबसे प्रेरणादायक क्षण तो यह रहा जब उन्होंने अपना एक्सपीरियंस हमारे माननीय प्रधानमंत्री जी के साथ साझा किया। सिर्फ यही नहीं, मेरे कई युवा साथियों को वीबीएलटी के जरिए अपने आइडियाज को प्रत्यक्ष रूप से भारत के प्रधानमंत्री जी के सामने प्रस्तुत करने का मौका मिला, जो कि बाद में हमारे भारत के यूनियन बजट का हिस्सा भी बना।
असल मायनों में पीपल्स कनेक्ट तो फिर इसे ही कहेंगे जब देश का युवा देश के अंतिम छोर पर खड़े नागरिकों से जुड़कर राष्ट्र निर्माण का सहभागी बनेगा। ये असल में हमारे लिए बहुत गर्व की बात है कि आज माय भारत के परिवार में लगभग ढाई करोड़ युवा जुड़ चुके हैं। जहां हम साथ मिलकर सिर्फ अलग-अलग कंपटीशंस में पार्टिसिपेट नहीं करते बल्कि पर्सनालिटी डेवलपमेंट का भी ध्यान रखते हैं। यहां हम एक साथ एक्सपीरियंशियल लर्निंग पे भी ध्यान देते हैं, जिसके अंतर्गत हमें इसरो और इंस्टिट्यूट ऑफ लिवर एंड बाइलरी साइंसेस जैसे प्रमुख संस्थानों के साथ सीखने का मौका मिलता है। या प्रोफेशनल टूल्स जैसे सीवी बिल्डर तक एक क्लिक पर मुहैया करा दिए जाते हैं। एक शब्द में कहूं तो यह है वन स्टॉप सॉल्यूशन फॉर ऑल योर नीड्स। माननीय प्रधानमंत्री जी ने 1 लाख युवा नेताओं के निर्माण का जो संकल्प लिया है उसके प्रति माय भारत निरंतर अथक प्रयासों के साथ देश के कोने-कोने में कार्य करने में जुटा हुआ है।
थैंक यू माय भारत। हम जैसे युवाओं को सशक्त करने में आप एक अहम भूमिका पालन कर रहे हैं। अच्छा, क्या तुम्हें पता है कि नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत की नींव काशी से रखी गई थी?
हां अनुराग, ये अभियान कोई आज का देखा हुआ सपना नहीं है। इसकी सशक्त नींव युवा आध्यात्मिक समिट के काशी घोषणा यानी काशी डिक्लेरेशन ऑफ 2025 के माध्यम से रखी गई थी। 21 सितंबर को इसे सेवा पखवाड़े का रूप दिया गया, जहां 2370 से अधिक कार्यक्रम एक ही दिन में आयोजित किए गए जिसने युवाओं के हृदय में सेवा भाव उत्पन्न किया। फिर इसके लिए एक टास्क फोर्स का संगठन हुआ जहां विमर्श किया गया कि कैसे इसे एक पैन इंडिया मूवमेंट बनाया जाए, जिसके अंतर्गत धारावाहिक रूप से संडे ऑन साइकिल जैसे कार्यक्रम कराए गए। उसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए हम 125 से अधिक आध्यात्मिक संगठनों के साथ मिलकर इस मुहिम को आज नई ऊंचाइयों की ओर ले जा रहे हैं।
बिल्कुल रिया, अगर देखा जाए तो माय भारत वास्तव में वो चाबी है जो युवाओं के लिए अनगिनत अवसरों के द्वार खोल देती है। यहां हर युवा केवल एक प्रतिभागी नहीं बल्कि परिवर्तन का वाहक बनकर उभरता है।
बिल्कुल सही कहा अनुराग। लेकिन अब जरा हमारे युवा साथियों की उत्सुकता भी शांत कर देते हैं। आखिर आज के इस भव्य कार्यक्रम में क्रमबद्ध तरीके से क्या-क्या होने वाला है, यह भी हमारे साथियों को तुम बताओ।
रिया, आज का यह दिन इतिहास के एक नए मानक को गढ़ने जा रहा है। आज पूरे राष्ट्र भर के कोने-कोने से देश के हर एक प्रांत के करोड़ों युवा जुड़े हैं। अब जब मैं आपसे बातें कर रहा हूं, अभी तक भारतवर्ष के विभिन्न स्थानों पर कई शारीरिक और मानसिक योग से जुड़ी गतिविधियां हो चुकी हैं। आज प्रातः काल से जो दृश्य हमारे सामने आ रहे हैं वो अत्यंत मनमोहक है। रिया, आज दिनभर ध्यान, योग, नुक्कड़ नाटक, कविताएं, वाद-विवाद प्रतियोगिताएं और कई जन चेतनादायक कार्यक्रम चल रहे हैं। आज के इस कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण तो अपने आप में माइंड ब्लोइंग होने वाला है। आज देश के युवाओं को सौभाग्य प्राप्त होने जा रहा है टू सी द मैन हिमसेल्फ, द शो स्टॉपर, भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी। तत्पश्चात हम सुनेंगे सम्माननीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री डॉक्टर मनसुख मांडविया जी का अभिभाषण, जिसके बाद हम देखेंगे एक वीडियो प्रस्तुति जिसमें नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत की कुछ झलकियां दिखेंगी। तत्पश्चात एक प्रेरणादायक नुक्कड़ नाटक की स्क्रीनिंग की जाएगी। फिर घड़ियों के कांटे थम जाएंगे और वो एक्साइटिंग समय आ चुका होगा जब द ओजी ऑफ भारत, यशस्वी प्रधानमंत्री जी हमें संबोधित करेंगे। और अब यह वास्तविक क्षण निकट है। आप सभी से अनुरोध है कि जैसे ही माननीय प्रधानमंत्री जी हमारे बीच पधारें, आप उत्साहपूर्ण तालियों की गड़गड़ाहट से उनका भव्य स्वागत करें और उन्हें यह अनुभव कराएं कि उनकी उपस्थिति से हम कितने प्रफुल्लित और उत्साहित हैं।
दोस्तों, कुछ ही समय में माननीय प्रधानमंत्री जी हमारे साथ जुड़ेंगे। मैं एक बार फिर से आपसे अनुरोध करना चाहती हूं कि आप सभी अपने मोबाइल फोन्स को साइलेंट मोड पर डाल दें और किसी भी तरीके का आवागमन ना करें। आप अपनी जगह पर बैठे रहे ताकि इस कार्यक्रम की एकाग्रता बनी रहे। दोस्तों, मैं आपको यह बता दूं कि यह एक लाइफ टाइम ओपोरर्चुनिटी के समान है, जहां आप उनसे मिलेंगे जिनके लाइफ ने हमें हर मोड़ पर मेहनत करने का मोटिवेशन दिया है। इट इज एक्सट्रीमली फॉरर्चूनेट ऑफ अस टू बी एबल टू मीट हिम टुडे। और जब इतने नेक कार्यक्रम में इतने सारे युवा साथ-साथ चल रहे हो तो आप सोच ही सकते हैं कि क्या जादू होने वाला है। बस अपने दिलों को थाम के बैठिए क्योंकि अब वो आने वाले हैं जिनका आपकी नजरें बड़े बेसब्री से, बड़े धैर्य से प्रतीक्षा कर रही हैं। आप सभी के चेहरों की यह खुशी जो मैं स्क्रीन के थ्रू देख पा रही हूं, यह मुझे सुनिश्चित करती है कि जब प्रधानमंत्री जी हमारे साथ जुड़ेंगे तो वह भी आप सभी को देखकर गदगद होने वाले हैं। दोस्तों, अब प्लीज एक बार फिर से मैं आपके सामने यह अनाउंसमेंट कर देना चाहती हूं कि अपने मोबाइल फोन्स को साइलेंट मोड पर रखें। कुछ ही देर में जब हमारे साथ प्रधानमंत्री जी जुड़ें तो अपनी तालियों की गड़गड़ाहट से उन्हें यह बताएं कि आज आपके अंदर कितना जोश है और आप कितने उत्सुक हैं प्रधानमंत्री जी से ना केवल मिलने के लिए बल्कि उन्हें सुनने के लिए। टू सी द मैन, टू हियर द मैन हु मोटिवेट्स अस इन सो मेनी स्पेयर्स ऑफ लाइफ दैट वी वांट टू लिसन टू हिम।
माननीय मित्रगण, हमें सूचना प्राप्त हो चुकी है। वो क्षण आने वाला है जब हमारे साथ जुड़ेंगे भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी। आप सभी से अनुरोध है कि अपने स्थानों पर बैठे रहे और प्रधानमंत्री जी के आते ही अपने गगन भेदी तालियों के साथ उनका स्वागत करें।
दोस्तों, आज इस अभियान में आप सभी को देखकर मेरा हृदय तो सच में पूर्ण रूप से प्रफुल्लित है क्योंकि इतने सारे युवाओं का एक मंच पर आकर एकजुट होकर एक कॉज के लिए, एक विषय पर अपने विचारों के साथ इतने सशक्त रूप से आ पाना वाकई में काबिलियत-ए-तारीफ है। हम शायद एक साथ बैठकर कभी सोच भी नहीं सकते थे कि इस संख्या में हमारे साथ युवा ना केवल जुड़ेंगे बल्कि नशा मुक्ति अभियान जैसे सीरियस इशू पर हमारे साथ मिलकर बैठेंगे, विमर्श करेंगे और आगे आने वाले 100 संडेज तक हमारा साथ देने के लिए तत्पर खड़े रहेंगे। दोस्तों, यह कोई उपलब्धि से कम नहीं कि आज हम सब आपको देख पा रहे हैं, आपको सुनने की अपेक्षा रखते हैं, आप प्रधानमंत्री जी से मिलने की अपेक्षा रखते हैं और इस देश को और अग्रसर करना चाहते हैं। हमारे प्रधानमंत्री जी ने जो विकसित भारत का सपना देखा है, वह केवल उनका सपना नहीं बल्कि हमारे कंधों पर रखी एक ऐसी जिम्मेदारी है जिसे हम बखूबी निभाकर उन्हें यह बता देंगे कि आपके देश का युवा आपके सपने को लेकर ना केवल सजग है बल्कि सशक्त है। उसे पूर्ण रूप से एक ऐसा निर्माण देने के लिए जिसमें आप भी इस भारत की आजादी के 100 वर्ष पर शायद यह ना पहचान पाएं कि वही भारत है जिसने कभी गुलामी देखी थी, जिसने कभी गरीबी देखी थी, जिसने कभी देखी थी।
एवरीवन प्लीज पुट योर फ़स ऑन साइलेंट। वी आर अबाउट टू स्टार्ट द इवेंट। एवरीवन प्लीज पुट योर फोन्स ऑन साइलेंट। वी आर अबाउट टू स्टार्ट। सर प्लीज। अगेन रिपीट, सब लोग अपने-अपने फोंस को साइलेंट पर रखेंगे और कोई भी बाहर आएगा-जाएगा नहीं।
गुड मॉर्निंग एवरीवन। अ वेरी वार्म वेलकम टू आवर रेस्पेक्टेड डिग्निटीज, गेस्ट्स, फैकल्टी मेंबर्स एंड माय डियर फेलो स्टूडेंट्स। आई निकुंज राठौर, बी फार्म सेमेस्टर स्टूडेंट, और आज के इस मीनिंगफुल प्रोग्राम को होस्ट करना मेरे लिए एक बहुत ही प्राउड मोमेंट है। हम आज सब यहां एक बहुत ही इंपॉर्टेंट कॉज के लिए गैदर्ड हैं। नशा मुक्त भारत अभियान। नशा सिर्फ एक इंसान की लाइफ को अफेक्ट नहीं करता है बल्कि उसकी फैमिली, फ्रेंड्स और पूरी सोसाइटी को भी इंपैक्ट करता है। इसलिए आज का प्रोग्राम सिर्फ एक इवेंट नहीं है बल्कि अवेयरनेस, रिस्पांसिबिलिटी और एक बेटर फ्यूचर की तरफ हमारा कलेक्टिव स्टेप है। तो एक बार फिर आप सभी का इस इंपॉर्टेंट इनिशिएटिव में बहुत-बहुत स्वागत है। हर अच्छी शुरुआत एक रोशनी से होती है और दिया सिर्फ एक लाइट।
मैं अनुराग सिंह, एक अत्यंत गर्व माय भारत वालंटियर, पश्चिम बंगाल से, आज अपने आप को सौभाग्यशाली बोध कर रहा हूं कि मैं भारत के यशस्वी और स्वराज शिल्पी प्रधानमंत्री जी के सामने आज जैन जी का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं। माननीय प्रधानमंत्री जी, आज हमारे साथ भारत के सभी राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों के हजारों स्थानों से एक करोड़ से अधिक युवा हमारे साथ जुड़े हैं। इसी के साथ हमारे बीच कई राज्यों के महामहिम राज्यपाल, कई राज्यों के माननीय मुख्यमंत्री गण हमारा मार्गदर्शन एवं इस जन आंदोलन को एक नई रूप दिखाने के लिए और अपने आशीर्वाद प्रदान करने हेतु देश के विभिन्न आध्यात्मिक संगठनों के पूज्य संत महात्मा, सम्माननीय महंत, पूज्य आचार्य गण, पूज्य स्वामी गण, पूज्य अम्मा तथा अनेक धर्म गुरु भी उपस्थित हैं। साथ ही केंद्र सरकार के माननीय मंत्रीगण, विभिन्न राज्यों के माननीय मंत्रीगण, माननीय सांसद गण तथा देश भर से जुड़े हमारे करोड़ों युवा साथी भी आज इस ऐतिहासिक अभियान का हिस्सा बने हुए हैं। माननीय प्रधानमंत्री जी, हमें आपको यह बताते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि आज प्रातः से ही देश भर से हमारे साथ जुड़े युवाओं ने एक स्वर में नशा मुक्त भारत के निर्माण का संकल्प लिया है और सामूहिक रूप से नशा मुक्त भारत की प्रतिज्ञा ली है।
प्रधानमंत्री जी, आपके प्रेरणादायी नेतृत्व में माय भारत परिवार से आज लगभग ढाई करोड़ युवा जुड़ चुके हैं। यह युवा शक्ति विकसित भारत के संकल्प को साकार करने और नशा मुक्त भारत का निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। साथियों, कहते हैं मानव जब जोर लगाता है पत्थर पानी बन जाता है। आज आवश्यकता उसी पराक्रम की है, उसी संकल्प और उसी जागृत युवा शक्ति की जो नशे के अंधकार को परास्त कर भारत को एक नई दिशा दे सके। इसी राष्ट्रीय संकल्प को जनजन तक पहुंचाने में निरंतर अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं भारत सरकार के माननीय केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल साथ ही श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉक्टर मनसुख मांडविया जी। मैं अत्यंत आदर और विनम्रता के साथ माननीय मंत्री जी से सादर अनुरोध करूंगी कि वे हम सबके समक्ष आएं और इस अभियान के बारे में हमें मार्गदर्शन दें।
माननीय प्रधानमंत्री जी, नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान के प्रारंभ के अवसर पर आप वर्चुअली हमारे बीच में उपस्थित रहे हैं। हम तहे दिल से आपका स्वागत करते हैं। प्रधानमंत्री जी, जब देश आजादी का अमृत महोत्सव वर्ष मना रहा था उस वक्त दिल्ली के लाल किले की प्राचीर से आपने विकसित भारत की संकल्पना रखी थी और ये विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने के लिए 140 करोड़ की जनता को उसके सहयोगी के रूप में देखा था। माननीय प्रधानमंत्री जी, कोई भी देश को समृद्ध राष्ट्र बनना है तो देश के नागरिक स्वस्थ रहे बहुत आवश्यक होता है। और इसलिए स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ समाज का निर्माण करता है, स्वस्थ समाज ही समृद्ध राष्ट्र का निर्माण करता है। और इसलिए ही स्वस्थ समाज बनाने के लिए देश के युवा भी सशक्त हो यह आपका आह्वान रहा है। और इसलिए आदरणीय प्रधानमंत्री जी, अमृत काल में आपने जो मार्गदर्शन करा और आपने कहा कि देश के युवा अमृत काल का सारथी है। अमृत काल में देश के युवा देश के लिए जिएं। परंतु देश के युवाओं को अपनी आकांक्षाएं होती है, देश के युवाओं को अपनी अपेक्षाएं होती है, देश के युवाओं के मन में कई आइडियाज होते हैं, देश के युवाओं के मन में सेवा भाव होता है। देश के युवाओं को मार्गदर्शन भी चाहिए, वालंटियरशिप भी चाहिए और उसको मेंटरशिप भी चाहिए। ऐसी स्थिति में युवाओं की अपनी सारी समस्या, अपना विचार, अपनी आकांक्षा और अपनी अपेक्षा को एक सिंगल विंडो सिस्टम के द्वारा मार्गदर्शन मिले। उस उद्देश्य के साथ आपने माय भारत की स्थापना करी थी। माय भारत युवा संगठन आज आपके नेतृत्व में 2 करोड़ 24 लाख युवाओं का संगठन बन चुका है। यही संगठन ने आपके संकल्प को आगे बढ़ाया है। आपने 2020 की 15 अगस्त को दिल्ली के रेड फोर्ट से यह भी कहा था कि मुझे देश को नशा मुक्त बनाना है। और आपके देश को नशा मुक्त बनाने के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए माय भारत युवा संगठन ने ठान लिया और उसके पर काम करना चालू करा।
माननीय प्रधानमंत्री जी, मुझे आपको बताते हुए खुशी हो रही है कि आपके इस संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए आज से एक साल पहले देश के सभी आध्यात्मिक गुरुओं के जो यूथ विंग्स है उसको साथ में लेके विविध नशा मुक्ति कार्य के साथ जुड़े हुए लोगों को साथ में ले दो दिन के लिए एक आध्यात्मिक सम्मेलन का आयोजन करा था। और ये आध्यात्मिक युवा सम्मेलन में युवाओं ने दो दिन तक विचार विमर्श करा और ये विचार विमर्श से आने वाले दो साल का यानी कि 100 वीक कार्यक्रम का प्लानिंग करा। इस 100 वीक के लिए देश के युवा देश को नशा मुक्त बनाने के लिए आपके मार्गदर्शन के साथ आगे बढ़ने के लिए कार्य योजना तैयार करी। और ये कार्य योजना का नाम दिया गया काशी आध्यात्मिक सम्मेलन घोषणा पत्र। एक घोषणा पत्र में यह तय करा गया कि हम आने वाले दिनों में कैसे कार्यक्रम चलाएंगे। हम किस तरह से आगे बढ़ेंगे ताकि हम देश को प्रधानमंत्री जी के विचारों के अनुरूप नशा मुक्त भारत में कन्वर्ट कर सके। और इसलिए आज का कार्यक्रम आयोजित हुआ है। आज के कार्यक्रम में माननीय प्रधानमंत्री जी, मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि देश के प्रति प्रतिष्ठित आध्यात्मिक संगठनों के गुरु जैसे माता अमृतानंदमई मठ से पूजनीय अम्मा जी, आर्ट ऑफ लिविंग से पूज्य श्री श्री रविशंकर जी, हार्टफुलनेस से श्रद्धेय दाजी जी, बीएपीएस से पूज्य स्वामी ब्रह्म बिहारी जी, गायत्री परिवार से पूज्य डॉक्टर चिन्मय पंड्या जी तथा ब्रह्म कुमारी जैसे अनेक स्पिरिचुअल ऑर्गेनाइजेशन के पूजनीय गुरुजन आपके बीच में उपस्थित थे।
आदरणीय प्रधानमंत्री जी, आज के कार्यक्रम में 26 हमारे राज्य के आदरणीय राज्यपाल उपस्थित हैं। 11 मुख्यमंत्री जी, एक करोड़ से अधिक युवाओं ने आज संकल्प लिया है। 28,000 स्थानों पर इस कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। जिन्होंने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन इस कार्यक्रम में जुड़ने के लिए करा है और अनेक लोगों ने शायद रजिस्ट्रेशन नहीं करा होगा लेकिन इस कार्यक्रम के साथ जुड़े हैं। प्रधानमंत्री जी, आपके एक आह्वान पर युवा शक्ति का आपके साथ इस जन आंदोलन में खड़ा होना बताता है कि दौर बदलेंगे, कैलेंडर पर तारीखें बदलेगी लेकिन देश के युवाओं का आप पर मजबूत भरोसा कभी नहीं बदलने वाला है। प्रधानमंत्री जी, आपके प्रत्येक जन आंदोलन ने यह सिद्ध किया है कि जब नेतृत्व स्पष्ट हो, संकल्प अतूट हो और फिर उसमें जन भागीदारी की सहभागिता हो तब संकल्प सिद्धि में परिवर्तित हो जाता है। आप ही के नेतृत्व में इस देश ने स्वच्छता अभियान को जन आंदोलन में बदलते हुए देखा। ओपन डिफिकेशन फ्री भारत का सपना साकार होते हुए देखा। भारत को नक्सलवाद मुक्त होते हुए भी देखा और फिट इंडिया मूवमेंट से युवाओं को खेल के मैदान में भी देखा है। हमें पूरा विश्वास है कि आपके नेतृत्व में ही हम नशा मुक्त भारत का लक्ष्य भी अवश्य प्राप्त करेंगे। आपके एक आह्वान पर करोड़ों लोग अपना व्यवहार बदलते हैं। आपके एक संकल्प से जन आंदोलन खड़े हो जाते हैं और हमें पूर्ण विश्वास है कि यह अभियान भी उसी प्रकार सभी युवाओं का जीवन बदलेगा। माननीय प्रधानमंत्री जी, आज आपकी प्रेरणा, सभी पूज्य संतों एवं आध्यात्मिक गुरुओं का आशीर्वाद और करोड़ों युवाओं का संकल्प, इन तीनों का यह संगम भारत के उज्जवल भविष्य का आधार बनने जा रहा है। इस विश्वास के साथ मैं एक बार पुनः आपका हृदय से अभिनंदन करता हूं और हमारे साथ जुड़े हुए सभी साधु संत गण का वंदन करता हूं। आप सबको हार्दिक शुभकामनाओं के साथ धन्यवाद।
बहुत-बहुत धन्यवाद सर। आपके ऊर्जादाई वक्तव्य ने हम युवाओं का मार्गदर्शन किया। माननीय प्रधानमंत्री जी, आदरणीय अतिथि गण और सभी युवा साथी, अब हम एक वीडियो प्रस्तुति देखने जा रहे हैं जिसमें नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत अभियान के देश भर की कुछ प्रेरणादायी झलकियां संकलित हैं।
युवा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होती है। लेकिन जब यही शक्ति नशे की गिरफ्त में आ जाए तो राष्ट्र निर्माण की गति धीमी हो जाती है। नशा एक ऐसी लत होती है जिस पर काबू नहीं पाया गया तो वो उस व्यक्ति का पूरा जीवन तबाह कर देती है। हम अपने देश के युवा को जितना ज्यादा बड़े लक्ष्यों से जोड़ेंगे उतना ही वो छोटी-छोटी गलतियों से बचेंगे।
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत 2047 और नशा मुक्त भारत के निर्माण के विज़न के अनुरूप युवाओं को नशे के कुचक्र से बचाने हेतु माय भारत द्वारा शुरू किया गया है नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत अभियान। जहां काशी से लेकर शिलंग तक युवाओं में जगाई गई नशा मुक्ति की अलख। जिसके अंतर्गत देश की सांस्कृतिक राजधानी बनारस में आयोजित युवा आध्यात्मिक शिखर सम्मेलन में 120 से अधिक आध्यात्मिक संगठनों के 600 से अधिक यंग लीडर्स ने नशा मुक्त भारत का विज़न प्रस्तुत करते हुए 5 साल का रोड मैप निर्धारित किया। इसी से प्रेरणा लेते हुए 21 सितंबर 2025 को पूरे देश में 2370 से अधिक जगहों पर 60 से अधिक आध्यात्मिक संगठनों द्वारा नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत युवा शिखर सम्मेलन आयोजित किए गए। जहां लाखों युवाओं ने नशा मुक्त और स्वदेशी अपनाने की शपथ ली। माय भारत का यह अभियान पूर्वोत्तर के हर युवा तक पहुंचे। इसके लिए मेघालय की राजधानी शिलंग के इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर में युवाओं की प्रतिभा व ऊर्जा को प्रभावी ढंग से सही दिशा देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
विकसित भारत के निर्माण के लिए नशा मुक्ति बेहद जरूरी है। इसके लिए माननीय प्रधानमंत्री जी के द्वारा आज किया जा रहा है नशा मुक्त युवा और विकसित भारत संकल्प अभियान का शुभारंभ। जहां देश के एक करोड़ से अधिक युवा नशा मुक्ति के संकल्प के साथ लेंगे हर सप्ताह नए युवाओं को इस अभियान से जोड़ने का संकल्प। वहीं 125 से अधिक आध्यात्मिक संगठनों, 7000 से अधिक ब्लॉक वाइज माय भारत वालंटियर्स, औद्योगिक संस्थाओं, सामाजिक संस्थाओं, विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, हजारों माय भारत यूथ क्लब और एनजीओ द्वारा प्रत्येक रविवार नशा मुक्ति पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही पोर्टल पर चल रही कल्चरल गतिविधियों के अंतर्गत लोक लोकगीत, लघु फिल्म एवं रील, चित्रकला, नृत्य, नुक्कड़ नाटक, कविता, वाद विवाद एवं नारा लेखन जैसी प्रतियोगिताओं के माध्यम से लाखों युवाओं को नशे के खिलाफ एकजुट किया जाएगा। विभिन्न कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थाओं में इसी थीम पर माय भारत द्वारा युवा कनेक्ट कार्यक्रम आयोजित कराए जा रहे हैं। जहां युवाओं को विकसित भारत के निर्माण हेतु नशा मुक्ति के लिए जागरूक किया जाएगा।
युवा है भारत का कर्णधार। देश की जिम्मेदारी लेने के लिए है तैयार। नशा मुक्त युवा और विकसित भारत।
ऋग्वेद में कहा गया है यथा दृश्यम तथा बोधा, अर्थात जो बात हृदय को स्पर्श कर ले वही सबसे स्थाई प्रेरणा बनती है। इसी उद्देश्य से शब्दों से आगे बढ़कर आज संदेश अभिनय के माध्यम से आप सभी के समक्ष प्रस्तुत होने जा रहा है। क्योंकि कभी-कभी एक प्रस्तुति वह कार्य कर देती है जो लंबे भाषण भी नहीं कर पाते। आइए उत्साहपूर्ण तालियों के साथ हम स्वागत करें नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा और माय भारत वालंटियर्स का और उनके इस प्रेरणादायी नुक्कड़ नाटक के साक्षी बने।
ये कहानी है हर उस युवा की जिसने सपने देखे हैं कुछ बनने के, आगे बढ़ने के, अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने के। लेकिन एक धूल उनके सपनों को चकनाचूर कर देती है। उनकी जिंदगी को तबाह और बर्बाद कर देती है।
एक कश याद रखना, जिंदगी को बदलने वाला दूसरा कश कभी नहीं होता। हमेशा पहला कश ही जिंदगी को बदलने वाला या यूं कहिए तो उसे बर्बाद करने वाला होता है।
जरा सोच, क्या बीतती होगी उन मां-बाप पर जिनका बेटा नशे का शिकार हो जाता है। उसकी जिंदगी बर्बाद हो जाती है।
देखा मैंने, इसका घर नहीं तोड़ा। मैंने इसकी मां को नहीं रुलाया। मैंने इसकी बहन की फीस नहीं छीनी। मैंने कुछ नहीं किया। मैंने सिर्फ इसका हाथ पकड़ा था। जो भी किया इसने खुद किया। यही नशे का सबसे बड़ा झूठ है। नशा कभी अकेला नहीं आता। यह अपने साथ लाता है गरीबी, अपराध, बीमारी, हिंसा, टूटते हुए रिश्ते और बिखरते हुए सपने। याद रखना, नशा सबसे पहले हमारी सोच पर हमला करता है। हमारे सपनों पर हमला करता है। और जिसके सपने मर जाते हैं वो जीते जी हार जाता है।
नहीं, कुछ ठीक नहीं होगा। कुछ देर के लिए दर्द कम होगा। फिर दर्द और बड़ा होकर लौटेगा। मैं नहीं कर पाऊंगा। तुम अकेले नहीं करोगे। हम सब मिलकर करेंगे। याद रखो, नशा अपराध नहीं बीमारी है और हर बीमारी का इलाज होता है। यहां कोई अपराधी नहीं बैठा। यहां जीवन से लड़ने वाले योद्धा बैठे हैं। यहां सब ने कुछ ना कुछ खोया है। मैंने अपना खेल छोड़ दिया। मैंने परिवार खो दिया। मैंने अपनी नौकरी खो दी। और मेरे साथ भी यही हुआ। एक कश ने जिंदगी तहस-नहस कर दी और मैंने खुद को खो दिया। और अब, अब मैं खुद को पाना चाहता हूं।
सोच ले, अभी भी देर नहीं हुई है। एक बार, बस एक बार, एक कश। नहीं नहीं, मैं समझ गया हूं कि पहले एक कश आदमी लेता है फिर उसके बाद हर कश आदमी की जिंदगी को लेता है।
तू जीत नहीं सकता। हां, अगर अकेला होता तो लेकिन समाज, दोस्त, परिवार और सबसे जरूरी चीज इच्छाशक्ति। अगर इच्छाशक्ति है तो तू हारेगा ही नहीं।
हम अपने भीतर के खालीपन को नशे से भरना चाहते हैं। यदि हम उस खालीपन को प्रेम, संवाद, भाषा, संगीत, आशा और उम्मीद से भर दें तो नशे के लिए कोई जगह नहीं बचेगी। याद रखिएगा, नशे से लौटने वाले व्यक्ति को तानों की नहीं सहारे की जरूरत होती है। यदि कोई लौटना चाहता है उसे रास्ता दिखाइए। धक्का मत दीजिए। आज पूरा भारत हमारे माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में नशे से युद्ध के इस महा अभियान में एक साथ खड़ा है और साथ खड़े हैं माय भारत के करोड़ों वालंटियर्स, हमारे गुरुजन, अनगिनत आध्यात्मिक, सामाजिक, सरकारी और गैर सरकारी संगठन। तो चलिए आज हम सभी देश के युवा यह प्रण करते हैं कि हम नशा मुक्त रहकर इस अमृतकाल में विकसित भारत का संकल्प पूरा करेंगे। याद रखिए, नशा कोई राक्षस नहीं है। ये हमारे समाज की कमजोरियों का चेहरा है। यदि हमने अपने समाज की कमजोरियों को पहचान लिया तो नशा हारेगा जरूर। हां, नशा हारेगा जरूर।
ये प्रस्तुति हमें यह संदेश देकर जाती है कि नशे से दूरी ही जीवन की सबसे बड़ी सुरक्षा है। इसी के साथ हम आ पहुंचे हैं आज के इस कार्यक्रम के सबसे महत्वपूर्ण क्षण में। अगली आवाज जो आप सुनने जा रहे हैं वो आवाज है देश के करोड़ों महत्वाकांक्षी युवाओं के भरोसे की। भारत को विश्व गुरु पटल पर ले जाने वाले उन प्रयासों की और हर रोज कामयाबी के एक नए मानक को गढ़ते भारत की। मैं अब देश भर के करोड़ों युवाओं के मित्र, पद परिचालक, भारतीयों के हृदय सम्राट, सम्माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से अनुरोध करता हूं कि वे अपने ऊर्जादाई शब्दों से हम युवाओं और खास करके जैन जी का मार्गदर्शन करें। जोरदार तालियों की गड़गड़ाहट के संग स्वागत करें माननीय प्रधानमंत्री जी का।